अद्वैतशारदाचिह्नितानि

विवेकचूडामणिः

मूलमात्रम्व्याख्या

विभागाः

  1. प्रास्ताविकम्
  2. १. गुरुनमस्कारः
  3. २. नरजन्मप्रशंसा
  4. ३. आत्मबोध एव मुक्तिहेतुः
  5. ४. मुक्त्यर्थो यत्नविशेषः
  6. ५. वस्तुविचारः कर्तव्यः
  7. ६. आत्मविद्याधिकारी
  8. ७. साधनचतुष्टयसम्पत्तिः
  9. ८. गुरूपसत्तिः
  10. ९. मार्गोपदेशः
  11. १०. मोक्षहेतवः
  12. ११. आत्मानात्मविवेचनम्
  13. १२. स्थूलशरीरम्
  14. १३. सूक्ष्मशरीरम्
  15. १४. कारणशरीरम्
  16. १५. परमात्मा
  17. १६. बन्धः
  18. १७. बन्धमोक्षोपायः
  19. १८. अन्नमयकोशविवेकः
  20. १९. प्राणमयकोशविवेकः
  21. २०. मनोमयकोशविवेकः
  22. २१. विज्ञानमयकोशविवेकः
  23. २२. अनाद्यविद्यानाशोपपत्तिः
  24. २३. आनन्दमयकोशविवेकः
  25. २४. साक्षिस्वरूपम्
  26. २५. ब्रह्मणोऽद्वितीयत्वम्
  27. २६. ब्रह्मस्वरूपम्
  28. २७. तत्त्वमसिमहावाक्यार्थः
  29. २८. वासनाक्षयोपायः
  30. २९. प्रमादत्यागः
  31. ३०. समाधिः
  32. ३१. जीवन्मुक्तलक्षणम्
  33. ३२. ज्ञानात्कर्मविलयः
  34. ३३. ब्रह्मणि नानात्वनिषेधः
  35. ३४. आत्मयोगः कर्तव्यः
  36. ३५. शिष्यस्य स्वानुभवकथनम्
  37. ३६. गुरोरनुशासनम्
  38. ३७. ब्रह्मविदः समाचारः
  39. ३८. शरीरपातः
  40. ३९. ब्रह्मभावापत्तिः

अनुक्रमणिकाः

श्लोकानुक्रमणिकाउल्लेखाः